प्रति,
1. माननीय श्री नरेंन्द्र मोदी जी प्रधानमंत्री भारत सरकार-नई दिल्ली
द्वारा:-
2. माननीय श्री विष्णुदेव साय जी मुख्यमंत्री छ.ग. शासन-रायपुर श्रीमान् कलेक्टर जिला – दुर्ग (छ.ग.) विषय: – मांगो के संबंध में ज्ञापन।
महोदय जी,
“सर्वप्रथम हम छत्तीसगढ़ के एक लाख आंगनबाडी कार्यकर्ता सहायिका बहनों और परिवार के सदस्यों की ओर से छत्तीसगढ़ में सरकार बनाने के लिये आपको बहुत बहुत बधाई शुभकामनाएं देते है”
विनम्र आग्रह के साथ यह निवेदन है कि हम आंगनबाड़ी के सभी बहनें केन्द्रीय और राज्य सरकार के हर योजनाओं को घर-घर जन-जन तक पहुंचाकर शासन का कार्य कर रहे है। आइसीडीएस की यह योजना सन् 1975 से लागू हुये लगभग 50 वर्ष होने को है लेकिन आंगनबाडी कार्यकर्ता सहायिकाओं को अभी तक ना तो मजदूर का और ना ही शासकीय कर्मचारी का दर्जा मिल पाया है। काम के समय शासकीय कर्मचारी से भी ज्यादा जिम्मेदारी दी जाती है और जब जीने लायक वेतन सुविधाओं की बात आती है तो समाज सेविका का भी परिवार होता है उसका भी पेट होता है। आज के इस भीषण मंहगाई में पचास वर्ष होने को है उसमें केन्द्र सरकार से हमें मात्र महज 4500/- ही मानदेय मिल रहा है। क्या इसे हम जीने लायक वेतन मान सकते है?
आदरणीय जब हम ये बात कहते है तो राज्य सरकार कहती है कि ये केन्द्र की योजना है और केन्द्र से मांग करते है तो केन्द्र सरकार कहती है कि राज्य सरकार पूरा करेगी लेकिन आज के स्थिति में केन्द्र और राज्य दोनों मे आपकी सरकार है इसलिये अब हमें आप दोनों सरकार से इस बात की बहुत उम्मीद और विश्वास है कि आप हमारी नारी शक्ति का सम्मान करते हुये हमारी निम्नलिखित मांगों के ऊपर सहानुभुति पूर्वक विचार करते हुये आगामी लोकसभा चुनाव के पूर्व पूरा करने की कृपा करेंगे।
मुख्य मांगेः-
1. आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मिनी और सहायिकाओं को शिक्षा कर्मियों, पंचायत कर्मियों की तरह नीति निर्धारण कर शासकीय कर्मचारी घोषित किया जावे एवं नर्सरी शिक्षक के पद पर उन्नयन किया जावे।
2. शासकीय कर्मचारी घोषित किये जाने तक श्रम कानून के तहत न्यूनतम पारिश्रमिक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मिनी कार्यकर्ता को कम से कम प्रतिमाह 21000/- और सहायिका बहनों को कार्यकर्ता के मानदेय 21000/- का 85 प्रतिशत राशि 17850/- स्वीकृत किया जावे।
3. मिनी आंगनबाडी केन्द्रों को निःशर्त पूर्ण आंगनबाड़ी बनाया जाये। तब तक समान काम का समान वेतन दिया जावे ।
4. समाजिक सुरक्षा के रूप में आंगनवाडी/मिनी आंगनबाडी कार्यकर्ता को 05 लाख ग्रेज्युवेटी और 10000/- मासिक पेंशन इसी तरह से सहायिकाओं को इसका 85 प्रतिशत के अनुपात में रूपये 04 लाख 25 हजार ग्रेज्युवेटी और 08 हजार 05 सौ मासिक पेंशन और समूह बीमा का लाभ देने हेतु नीति निर्धारण किया जावे।
5. सुपरवाईजर के रिक्त शत प्रतिशत पदों पर कार्यकर्ता को बिना उम्र बंधन और परीक्षा के सीधे पदोन्नति दिया जावे। इसी तरह कार्यकर्ता के रिक्त शत् प्रतिषत पदो पर सहायिकाओं को पदोन्नत किया जावे और इस हेतु विभागीय सेवा भर्ती नियम में आवश्यक संशोधन किया जावे ।
6. क्रेश कार्यकर्ताओं को कार्यकर्ता के पद पर समायोजित किया जावे।
7. कार्यकर्ता सहायिकाओं के आकस्मिक मृत्यु होने पर परिवार के एक सदस्य को अनुकम्पा नियुक्ति का प्रावधान किया जावे।
8. गरम खाना बनाने हेतु प्रत्येक केन्द्र में गैस सिलेण्डर प्रदाय किया जावे और खाली होने पर रिफिलिंग विभाग की ओर से किया जावे ।
अतः नारी सशक्तिकरण को चरितार्थ करने के लिये उक्त मांगों पर सहानुभूति पूर्वक विचार करते हुये आगामी लोकसभा चुनाव के पूर्व छत्तीसगढ़ प्रदेश के एक लाख और देश के 26 लाख आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका बहनों के हित में पूरा करने की कृपा करेंगे।
