*राहुल गांधी की 5 गारंटी*
युवा न्याय
1. पहली नौकरी पक्की – हर शिक्षित युवा को ₹1 लाख की अप्रेंटिसशिप का अधिकार।
2. भर्ती भरोसा – 30 लाख सरकारी नौकरियाँ, सभी ख़ाली पोस्ट कैलेंडर के अनुसार भरेंगे।
3. पेपर लीक से मुक्ति – पेपर लीक रोकने के लिए नए कानून और नीतियां।
4. गिग-वर्कर सुरक्षा – गिग वर्कर के लिए बेहतर काम-काजी नियम और संपूर्ण सामाजिक सुरक्षा।
5. युवा रोशनी – युवाओं के लिए ₹ 5,000 करोड़ का नया स्टार्टअप फंड।
नारी न्याय
1. महालक्ष्मी – हर गरीब परिवार की एक महिला को हर साल ₹1 लाख।
2. आधी आबादी, पूरा हक़ – केंद्र सरकार की नई नौकरियों में 50% महिला आरक्षण।
3. शक्ति का सम्मान – आशा, मिड डे मील और आंगनवाड़ी वर्कर्स को ज़्यादा सैलरी, दुगुने सरकारी योगदान से।
4. अधिकार मैत्री – महिलाओं को कानूनी हक़ एक अधिकार-सहेली, हर पंचायत में और सरकारी योजनाओं की जानकारी देने वाली।
5. सावित्री बाई फुले हॉस्टल – कामकाजी महिलाओं के लिए दुगुने हॉस्टल।
किसान न्याय
1. सही दाम – एमएसपी की कानूनी गारंटी, स्वामीनाथन फॉर्मूले वाली।
2. कर्ज़ मुक्ति – क़र्ज माफ़ी प्लान प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए परमानेंट आयोग।
3. बीमा भुगतान का सीधा ट्रांसफ़र फ़सल नुक़सान पर 30 दिन के अंदर सीधे खाते में पैसा ट्रांसफ़र।
4. उचित आयात-निर्यात नीति – किसानों की सलाह से नई इंपोर्ट-एक्सपोर्ट पॉलिसी बनेगी।
5. जीएसटी-मुक्त खेती – किसानी के लिए ज़रूरी हर चीज़ से जीएसटी हटेगा।
श्रमिक न्याय
1. श्रम का सम्मान – ₹ 400 कम से कम दैनिक मज़दूरी, मनरेगा में भी।
2. सबको स्वास्थ्य अधिकार _ ₹25 लाख का हेल्थ-कवरः मुफ़्त इलाज़, अस्पताल, डॉक्टर, दवा, टेस्ट, सर्जरी।
3. शहरी रोज़गार गारंटी – शहरों के लिए भी मनरेगा जैसी नई योजना।
4. सामाजिक सुरक्षा – असंगठित मज़दूरों के लिए जीवन और दुर्घटना बीमा।
5. सुरक्षित रोज़गार – मुख्य सरकारी कार्यों में कांट्रैक्ट सिस्टम मज़दूरी बंद।
हिस्सेदारी न्याय
1. गिनती करो – सामाजिक व आर्थिक समानता के लिए हर व्यक्ति, हर वर्ग की गिनती।
2. आरक्षण का हक़ – संवैधानिक संशोधन द्वारा 50% सीमा हटाकर एससी/एसटी / ओबीसी को आरक्षण का पूरा हक़।
3. एससी/एसटी सब प्लान की कानूनी गारंटी – जितनी एससी/एसटी जनसंख्या, उतना बजट; यानी ज़्यादा हिस्सेदारी।
4. जल-जंगल-ज़मीन का क़ानूनी हक़ – वन-अधिकार क़ानून वाले पट्टों का 1 साल में फ़ैसला।
5. अपनी धरती, अपना राज – जहां एसटी सबसे ज़्यादा, वहाँ पेसा लागू।
