
अब रमकु बाई सखलेचा के नेत्रों से दो लोग दुनिया देख सकेंगे । सकलेचा के निधन के पश्चात अभिजीत पारख के प्रयास पर सखलेचा परिवार के मुकेश सखलेचा, राकेश ,रानू मनोज, कल्पना ने नेत्रदान हेतु सहमति दी। श्री शंकराचार्य मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर विशाल उके व नेत्र सहायक विवेक कसार ने कॉर्निया कलेक्ट किए नव दृष्टि फाउंडेशन के सदस्य कुलवंत सिंह भाटिया, राज भैया, रितेश जैन, मंगल अग्रवाल ,हरमन जी ,सुरेश जैन ,चेतन जैन ,के सहयोग से नेत्रदान संपन्न हुआ। डॉ विजय गुप्ता, अभिजीत पारख मनीष जैन, किशोर जैन ,रूपल गुप्ता, लाल गुप्ता सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित रहे नेत्रदान की साक्षी बने । रमकु बाई सखलेचा के पुत्र मुकेश ने कहा कि आज मां हम सबके बीच नहीं रही लेकिन जाते-जाते हम सबको समाज को बड़ा संदेश दे गई और व्यक्ति जीते जी समाज के काम आता है किंतु इस दुनिया में जाने के बाद भी लोगों का भला कर सकते हैं। जैसा कि मां के नेत्रदान से दो लोगों का जीवन संवर जाएगा।
