मिली जानकारीनुसार / “किरायेदार कभी मालिक नहीं बन सकता!” देश की सर्वोच्च अदालत ने साफ-साफ कह दिया किरायेदारी चाहे 5 साल की हो या 50 साल की,
मालिक तो मालिक ही रहेगा! हाल ही में आए ज्योति शर्मा बनाम विष्णु गोयल केस में सुप्रीम कोर्ट ने ऐतिहासिक टिप्पणी की किरायेदार मालिक की इजाज़त से रहता है,
इसलिए प्रतिकूल कब्जे (Adverse Possession) का नियम यहां लागू नहीं होता।” यानी साफ शब्दों में किराया भरने वाला मालिक नहीं बन सकता, चाहे दशकों तक वहीं क्यों न टिका रहे! कोर्ट ने कहा संपत्ति पर अधिकार हमेशा मालिक का ही रहेगा और वह कभी भी अपनी संपत्ति वापस पाने का हकदार है।” अब यह फैसला उन तमाम केसों के लिए मिसाल बनेगा, जहाँ किरायेदार मालिकाना हक का दावा करते हैं!
